नमस्कार,
कुछ पंक्तियाँ प्यारी बेटियो के नाम।
कहते है बेटियां सौभाग्य से मिलती है। ये वो धन है जिसके होने से घर की हर वस्तु
की अहमियत उसके मोल से नहीं उसके होने का पता चलता है। बेटी न हों तो घर में संस्कारो का अभाव महसूस होता है। किस्मत से हम दो भाई है , बेहन कोई नहीं।
बचपन में सोचा करता की अगर बेहेन होती तो कैसा होता पर कभी उस अहसास को
महसूस न कर पाया पर हाँ कमी हमेशा लगी। जब कभी रक्षाबंधन या भाईदूज होता
उस दिन अपने आप पर बड़ा तरस आता , देखता मेरे सभी दोस्त जिनके साथ हर दिन
की शुरुआत और शाम ढलती उस दिन न कोई मिलने आता न कोई खेलता हुआ दीखता।
सब कुछ बड़ा सूना सूना सा लगता। तब समझ में आया की क्यों पिछले कुछ दिनों से दोस्त एक अनमोल तोहफा ढूंढने में लगे हुए थे। मुझे तो ईश्वर ने दो प्यारी प्यारी बेटियाँ देकर मेरा भाग्य बदल ही दिया और बना दिया सौभाग्यशाली। ईश्वर से यही प्राथना है इस सुख से किसी को वंचित न रखे और सब को सौभाग्यशाली बनाये रखे।